
पाकिस्तानी को हाकी क्यों मारी..
लगता है अस्ट्रेलिया की भारत से पिछले जनम की कोई दुश्मनी रही है । पहले क्रिकेट में भारत की बढ़्ती बादशाहत देख कर कंगारुओं को जो मिर्ची लगी वो देखने लायक थी । कभी हरभजन पर चकिंग का आरोप लगा दिया, कभी भारतीय टीम पर नस्लवाद का आरोप लगा कर पिल पड़े । भारतीय क्रिकेट के हर प्रतिभावान खिलाड़ी पर उनके जलकुकड़े खिलाड़ी,अंपायर और रैफ़री की काली नज़र पड़ती रही है । परमाणु सहयोग के क्षेत्र में अस्ट्रेलिया सदा से भारत की राह का रोड़ा बना है । आजकल ये कंगारू अस्ट्रेलिया में पढ़ने गए भारतीय छात्रों पर खिसियायी बिल्लियों की तरह टूट पड़े हैं । इस कड़ी में कल यह देखने के लिए आया कि अस्ट्रेलियन हांकी रैफरी को भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत से बेचैन कर देने वाली बदहजमी पैदा हो गई । भारत की इस जीत को जब वो किसी दम पचा ना पाया तो भारतीय स्ट्राईकर शिवेन्द्र सिंह पर तीन मैंचों का प्रतिबंध ठोक दिया । शिवेन्द्र का गुनाह यह था कि ड्रिवलिंग के दौरान उनकी हाकी पाकिस्तानी खिलाड़ी की नाक को चूम लिया । कोई अंधा भी इसका रिप्ले देखकर बता सकता है कि शिवेंद्र का इरादा साथी खिलाड़ी को घायल करना कतई न था और वो घायल हुआ भी नहीं । पर गोरी चमड़ी के रैफ़री को इससे क्या मतलब ...!! उसे तो बस भारत की खेल-शक्ति को कुंद करने का जुगाड़ भिड़ाना था सो उसने भिड़ा लिया ।
अब भारतीय हाकी संघ और भारत सरकार को इस मामले सीधे हस्तक्षेप करते हुए इस अन्याय का उपचार करना चाहिए । यह एक खिलाड़ी ही नहीं पूरी टीम के लबालब आत्मविश्वास को तोड़ने की धिनोनी साज़िश है । अन्याय चाहे छोटा हो बडा होता तो अन्याय ही है । अगर इसका पुरजोर विरोध नहीं किया गया तो इन गोरे शेतानों का होसला ओर बढ़ेगा ।