
हरे नीले नोटों पर तुमने दिया वरदान
तुम कुबेर के द्वार हो, तुम रतन धन खान
तुम बिन भारतवर्ष में कहीं न गलती दाल
जय जय भ्रष्टाचार गुरू, जय जय भ्रष्ट कृपाल ॥॥
जय भ्रष्टाचार महा महिमा ।
जय दुर्नीति जय गुण गरिमा ॥
तुम्हरे भजन सरकार को भावे
मंत्री-संतरी सब गुण गावे ॥
घोटाले की तुम हो माता
तुम्हारी माया कोई समझ ना पाता ॥
और-छोर तुम्हारा नहीं जग में
तुम व्यापे हो देश की रग-रग में ॥
भारत देश तुम्हें अति प्यारा
हर कोई तुमसे गया मारा ॥
बोफ़र्स की जो तोप चलाई
डगमग हो गई कांग्रेस आई ॥
लालू यादव दूत तिहारा
निगल गया भेंसों का चारा ॥
तुम्हारी महिमा जो नर गावे
भर भर नोट जेब में जावे ॥
नेता नाम तुम्हे अति प्यारा
अद्भुत ये जीव तुमने उतारा ॥
सुखराम को तुमने वर दिन्हा
मधु कौड़ा ने मधुरस लिन्हा ॥
इनकी करतूत यह जन जाने
यह वायरस बस नोट पहिचाने ॥
घूस रिश्वत कई नाम तिहारे
इनसे मिले कईयों को सहारे ॥
स्विस बैंक हरिद्वार तिहारा
नेता का बैकुंठ यह प्यारा ॥
यहां पहुंच जो नर जाता
सात पुश्त तक मौज मनाता ॥
काला धन यहां जो आता
क्षणभर में गोरा हो जाता ॥
नेता मंत्री तुम सबके रक्षक
दो नंबर के माल के भक्षक ॥
कार्यालय में तुम्हारा डेरा
मंत्रालय में तुम्हारा बसैरा ॥
सचिवालय में तुम्हारा आसन
निर्देशालय में तुम सिद्धासन ॥
कलयुग के तुम सच्चे साधक
कौन यहां तो तुम्हारा बाधक ॥
जब भी किसी ने आवाज़ उठाई
नोट के बल पर मुंह की खाई ॥
जो ईमानदार सामने आता
बेईमानों का जूता खाता ॥
तुम्हरे बल सब संभव हो जाता
तुम हो तो मन नहीं घबराता ॥
पासपोर्ट और राशन-पानी
तुम हो तो न आना-कानी ॥
जब तुम अपना परताप दिखाते
कैसे भी टेंडर पास हो जाते ॥
अफ़सर बाबुओं के तुम तारक
ठेकेदारों के तुम उद्धारक ॥
जो जो तुम्हरे शरण में आता
भिक्षुक भी सम्राट कहलाता ॥
.jpg)
