हिंदी है जन-जन की भाषा,हिंदी है भारत की आशा

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बुधवार, 17 जून 2009

अपनी भाषा हिन्दी

प्यारे हिन्दी को चाहने वाले भाइयों और बहनों,

हिन्दी ब्लॉग के क्षेत्र में यह मेरा नवीन प्रयास हैआज हम हिन्दी भाषियों की और हिन्दी इस उम्मीद से तक रही है कि हम हिन्दी की संतानें हिन्दी को विश्व में उचित स्थान दिलाएंगेयह हमारा फ़र्ज़ भी बनता हैआज अगर हम हिन्दीभाषी ही हिन्दी का प्रयोग ना करेंगे तो हम दुसरे भाई बंधुओं से हिन्दी को सम्मान देने की बात कैसे सोच सकते हैंकोई भी भाषा तभी आगे बढती है जब उसके प्रयोक्ता बन्धु भाषा को आगे बढ़ने की दिशा में दिलो-जान से प्रयास करते हैंआइये, हिन्दी का प्रयोग करें, हिन्दी का सम्मान करेंहिन्दी केवल अपनी भाषा नही अपनी सामासिक संस्कृति का हिस्सा हैहिन्दी बढेगी हम बढ़ेंगे, हिन्दी बढेगी राष्ट्र बढेगा, हिन्दी बढेगी सम्मान बढेगा....

जय हिंद
जय हिन्दी

डॉ राकेश

मंगलवार, 16 जून 2009

हिंदी है जन-जन की भाषा

हिंदी है जन-जन की भाषा
हिंदी है जीवन की भाषा
हिंदी है हर मन की आशा
हिंदी अपनेपन की भाषा

हिंदी बढती ही जायेगी
हिंदी जनता को जगाएगी
हिंदी को जो लहर आएगी
अंग्रेजी फिर कहाँ टिक पायेगी

आओ करें हिंदी का पूजन
हिंदी सीखे हिंद का हर जन
आओ करें अपना तन-मन-धन
हिंदी की सेवा में अर्पण