
मियां सचिन, बबुआ अर्जुन के साथ ओपनिंग करने का इरादा है का .....
मियां सचिन अब बहुत हुआ भईए, अब बहुत हुआ...अब बस भी करो यार । सारा क्रिकेट खुद खा जाओगे या आनेवाली पीढ़ि के लिए भी कुछ छोडोगे । अब अगर बेटे अर्जुन के साथ ओपनिंग करने का इरादा हो तो अलग बोल दो । भई हर चीज़ की एक हद होती है । सारी हदें लाघं जाना ठीक नहीं । सारे रिकार्ड तोडे़ जा रहे हो कांच की बोतल से । बददुआ देंगे बददुआ आने बाले किरकेटिया छोकरे...यही कहेंगें कि सारे रिकार्ड खुद तोड़ गया मास्टरवा और खुद रिकार्डो़ का ऐसे उंचे उंचे खूंटे गाड़ गया आंख दुखने लगे निहारते उन्हें....तोड़ना तो सस्रुरा हमरा बाप भी ना सोच सके । महाराज सचिनचंद जी, अब आप प्रात: स्मरणीय और सांयं बंदनीय हो चुके हो, अब कृपा करो रननिधान, शतकों की खान । सोचो मियां, सुनील, कपिल जैसे महारथी आपके पैर छुने की बात कर रहें..शोभा देता है ऐसे बुजुर्गों से अपने सजदे करवाना । मियां, खुशियां उतनी ही बांटो जितने इस मुल्क के बड़े-बुजुर्गों का दिल संभाल सके । कोई टपक ना जाए किसी अनधिकृत खुशी से भौंचक हो कर ।
हे सचिन महाराज, अब जरा अपने गदा रुपी बल्ले को आराम दो तो दुनिया के गेंदबाजों को कुछ शुकुन नसीब हो । अनवर ने अपनी हेकड़ी ठोकी थी..सचिन चाहे कितने शतक ठोक ले पर मेरे 196 को तोड़ नहीं सकता..। अब जनाब आप कितने के मुंह पर पलस्तर चढाओगे । तुम जम्बुद्वीप रत्न हो, तुम भारत रत्न हो, तुम हिंदुस्तान रत्न हो और तुम्ही इंडिया का कोहेनूर हो...।
शत कोटी भारतियों का सहस्त्र साष्टांग प्रणाम स्वीकार करो ।
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